बारिश
बरस गए हैं बादल, फिर भी वर्षा होनी है, आसमान में जो बूंदें रह गई, उनकी झमाझम होनी है। भागों घर जल्दी अपने, नहीं तो बारिश तुमको रोकेंगी, गलती से जो भींग गए तुम, तो मम्मी तुमको कूटेंगी। अगर जो पड़ गए बीमार तुम, हो जाओगे लाचार तुम, न कोई चीज अच्छी लगेगी, बस नाक सुड़-सुड़ करके बहेगी। इसलिए मेरी मानो तुम, फिर बारिश आने से पहले, हो जाओ फ़रार तुम। घर पहुंचों और खाओ पकोड़े, मनाओ मौसम का त्योहार तुम। अब छोड़ो ऑफिस का काम, घर जाकर करो आराम, करो कल की क्लास की तैयारी, और बनाओं अपना नाम।